इस्लाम अली हैं मेरा ईमान अली हैं - Huzur Ghazi E Millat Allama Syed Hashmi Miyan Ashrafi Al Jilani


ख़ामोश है तो लगता है के क़ुरआन अली हैं
गर बोलें तो लगता है के क़ुरआन अली हैं

क़ुरआन तो देता है हमें दावते ईमान
ईमान ये कहता है मेरी जान अली हैं

उम्मत में नुमाया है सभी अहले विलादत
और अशहाबे विलादत के भी सुल्तान अली हैं

इस बाग ए नबुवत की कली फातिमा जहरा
हसनैन है दो फूल तो गुलज़ार अली हैं

ये उम्मत ए सरकार मिटी है ना मिटेगी
इस आखिरी उम्मत के निगेहबान अली हैं

वो मौका ए हीजरत हो या के जंग ए ओहद हो
हर हाल में सरकार पर कुर्बान अली हैं

खैबर का किला चीख के देता है गवाही
कुछ शक नहीं कुव्वत ए याजदां अली हैं

है मदद ए मुक़ाबल को भी पीने की इजाज़त
सफिंक मौके पे ज़ीशान अली हैं

मैं समा शबिस्ता ए विलायत कहुं किसको ?
दिल बोल उठा शबिस्ता ए विलायत अली हैं

हर एक यजीदी से कहो हाशमी खुल कर
इस्लाम अली हैं मेरा ईमान अली हैं

कलाम ए
हुज़ूर गाज़ी ए मिल्लत हज़रत सय्यद हाशमी मिया
अशरफी जिलानी सज्जादानशीन
अस्ताना ए मोहद्दिस ए आज़म ए हिन्द

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